Being Human Clothing बना Oxford India Forum 2025 का मुख्य प्रायोजक
बीइंग ह्यूमन ने भारत के वैश्विक भविष्य को आकार देने वाली पहल का किया समर्थन

• ऑक्सफोर्ड में गूँजी भारत की आवाज़ – बीइंग ह्यूमन की साझेदारी में
Dehrardun : बीइंग ह्यूमन क्लोदिंग ने ऑक्सफोर्ड इंडिया फोरम 2025 में हेडलाइन स्पॉन्सर के रूप में भाग लेकर भारत की वैश्विक पहचान को आकार देने की दिशा में एक सार्थक पहल की। यह फोरम ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित सबसे प्रतिष्ठित सम्मेलनों में से एक है, जिसमें भारत की बदलती वैश्विक छवि पर संवाद हुआ – और जिसकी मूल भावना में कर्तव्यबोध, करुणा और सामाजिक प्रभाव की भावना निहित रही।

बीइंग ह्यूमन क्लोदिंग के कार्यकारी निदेशक अयान अग्निहोत्री ने इस अवसर पर कहा: “इस मंच का समर्थन करना हमारे लिए गर्व की बात रही, जहाँ भारत के भविष्य को आकार देने वाले प्रभावशाली विचार सामने आए। बीइंग ह्यूमन में हमारा विश्वास है कि परिवर्तन की शुरुआत ज्ञान, सहानुभूति और संवाद से होती है – और यही मूल्य इस फोरम की आत्मा में समाहित हैं। सबसे प्रेरणादायक रहा वक्ताओं की विविधता और उनकी प्रतिबद्धता, जिन्होंने भारत की चुनौतियों और अवसरों को गहराई से समझा। चाहे बात नवाचार की हो, स्थिरता की या जिम्मेदार उपभोग की – संवादों ने हमें यह विश्वास दिलाया कि परिवर्तन हमेशा उद्देश्य और करुणा से शुरू होते हैं।

हर सत्र के साथ, ऑक्सफोर्ड इंडिया फोरम 2025 ने एक वैश्विक नेतृत्व मंच के रूप में अपनी भूमिका को और गहरा किया। बीइंग ह्यूमन क्लोदिंग के साथ यह साझेदारी केवल कार्यक्रम के प्रभाव को बढ़ाने में ही नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक कथा को एक सामाजिक दृष्टिकोण से गढ़ने में भी निर्णायक रही। बीइंग ह्यूमन क्लोदिंग और ऑक्सफोर्ड इंडिया फोरम के बीच यह साझेदारी शैक्षणिक दृष्टिकोण और सामाजिक उद्देश्य के गहरे मेल का प्रतीक बनी। शिक्षा, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध इस फाउंडेशन ने फोरम के उद्देश्य – आलोचनात्मक सोच, समावेशी संवाद और वैश्विक सहयोग – को और अधिक सशक्त किया।
यह मंच भारत की सार्वजनिक नीतियों, उद्यमशीलता, रचनात्मक अर्थव्यवस्था और स्थिरता जैसे विषयों पर विचार-विमर्श के लिए समर्पित रहा, जिसमें बीइंग ह्यूमन की मूल मानवतावादी विचारधारा – प्रेम, देखभाल, बाँटना, आशा, सहायता और आनंद जैसे मूल्यों की स्पष्ट झलक दिखी। सईद बिजनेस स्कूल, ऑक्सफोर्ड में आयोजित इस वर्ष के संस्करण में दुनिया भर से नीति विशेषज्ञों, उद्यमियों और बदलाव लाने वाले युवाओं ने अपने विचार साझा किए। सेशन, कीनोट भाषण और फायरसाइड चैट्स ने यह दर्शाया कि भारत किस प्रकार वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति को और प्रभावशाली बना सकता है




