कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन ने प्रोजेक्ट उन्नति एप्पल के 7 साल पूरे किए
उत्तराखंड में किसानों की आजीविका हो रही बेहतर

देहरादून। कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन आनंदना ने इंडो-डच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजीज (आईडीएचटी) के साथ मिलकर उत्तराखंड में प्रोजेक्ट उन्नति एप्पल के 7 साल पूरा होने के मौके पर भीमताल में अपने हॉर्टिकल्चर केंद्र में प्रोग्रेसिव फार्मर्स अवार्ड सेरेमनी का आयोजन किया। इस दौरान महिलाओं समेत 50 प्रगतिशील किसानों को हाई-डेंसिटी एप्पल फार्मिंग यानी सेब की सघन खेती की तकनीक अपनाने के लिए सम्मानित किया गया।

2018 में शुरू की गई प्रोजेक्ट उन्नति एप्पल पहल का उद्देश्य सेब की पारंपरिक खेती की ज्यादा लागत और कम उत्पादकता की चुनौती को दूर करना था। अल्ट्रा हाई-डेंसिटी प्लांटेशन और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से इस प्रोजेक्ट ने किसानों को उपज बढ़ाने, खतरे कम करने और ज्यादा सुरक्षित आजीविका सृजित करने में मदद की।
इस प्रोजेक्ट की सफलता इसकी प्रक्रियाओं को अपनाने वाले किसानों के जीवन में स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। पुरोला के सुनाली गांव की किसान पूनम गौर को इस पहल के माध्यम से वर्षों के व्यक्तिगत एवं वित्तीय संघर्ष से बाहर निकलने का मौका मिला। पहले पति और फिर मां को थोड़े ही अंतराल में खोने के बाद वह अवसाद में चली गई थीं। उनकी आजीविका अनिश्चित थी। प्रोजेक्ट उन्नति एप्पल ने उन्हें जीवन को आगे बढ़ाने का एक और मौका दिया। वह कहती हैं, ‘एप्पल उन्नति का हिस्सा बनना मेरे लिए जीवन बदलने वाला रहा। निराशा और हताशा भरे जीवन से निकलते हुए आज मुझे गर्व हैं कि मैं अपने परिवार को सुरक्षित आजीविका दे पा रही हूं। बेहतर उपज की मदद से मैं अब 25,000 से 30,000 रुपये हर महीने कमा लेती हूं। मैं आसपास के गांवों की अन्य महिलाओं को भी इन प्रक्रियाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती हूं।’
एक समय प्रोफेशनल फुटबॉल करियर की ओर कदम बढ़ा रहे उचुरा गांव के 22 वर्षीय शाश्वत बिष्ट ने प्रोजेक्ट उन्नति की ज्यादा उपज वाली वैरायटी के बारे में पता लगने के बाद अपना सेब का बागान लगाने का फैसला कर लिया। तीन साल बाद आज वह खेती और फुटबॉल के बीच संतुलन बनाने में सफल हुए हैं। वह सतत आजीविका कमा रहे हैं और गांव के अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। वह कहते हैं, ‘उन्नति एपल मेरे गांव में बसने के सपने को साकार करने में अहम रहा है। आज मैं खेती के माध्यम से सतत आजीविका कमाने के साथ-साथ फुटबॉल की तैयारी कर पा रहा हूं।
इंडो-डच हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजीज के डायरेक्टर सुधीर चड्ढा ने कहा, ‘प्रोजेक्ट उन्नति एप्पल ने उत्तराखंड में सेब की खेती को व्यापक तरीके से बदल दिया है और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों को ज्यादा आत्मनिर्भर बना रहा है। कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन के साथ इस सफल साझेदारी से सेब की उपज बढ़ी है और सतत विकास एवं किसानों की समृद्धि की हमारी साझा प्रतिबद्धता मजबूत हुई है।
2011 में अपनी शुरुआत के बाद से प्रोजेक्ट उन्नति ने 13 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में करीब 4 लाख फल उत्पादक किसानों को सशक्त किया है। इनमें सात फलों-आम, सेब, संतरा, अंगूर, लीची, कॉफी और गन्ने का उत्पादन करने वाले किसान शामिल हैं। साथ ही इसने देशभर में पर्यावरण के अधिक अनुकूल हॉर्टिकल्चर सप्लाई चेन बनाने में भी योगदान दिया है।




