उत्तराखण्डराज्य

हिंदी दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं…अजब गजब शौक लिए….

अजब गजब शौक लिए,
स्वभाव कैसा बना लिया,
हिंदी की शुभकामना को,
“हैप्पी”संदेश में सिमटा दिया ?

संवेदना-श्रृंगार,आदर, प्रेम,
बेअसर सभी अंग्रेजी में,
मात्रा,छंद,अलंकार, सौंदर्य,
समाहित नहीं अंग्रेजी में।

अनजान रहकर हिंदी से ,
पूरा जीवन जब दूर रहे,
हिंदी को बचाएं कैसे,?
चिंतन कर क्यों इतिश्री करें?

सृजन, रचना,व्यवहार,श्रृंगार,
साहित्य का स्वाभिमान है
प्रेम, समर्पण, वात्सल्य,
हिन्दी का उपहार है।

सूर, तुलसी, मीरा, महादेवी,
जय शंकर, द्विवेदी शान है,
आजाद, भगत, सुखदेव सरीखे
विजय गाथा , बलिदान है।

हिंदी से निज अस्तित्व का,
अभिमान और पहचान है ,
आन बान शान है हिन्दी,
हिंदी से हिंदुस्तान है।

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