देशव्यापार

भारत ने वर्ल्डस्किल्स एशिया कॉम्पिटिशन 2025 के लिए अपने दल का किया स्वागत

मंत्री जयन्त चौधरी ने चाइनीज ताइपे में 21 स्किल्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले 23 प्रतियोगियों को हरी झंडी दिखाई

New Delhi : कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) द्वारा  वर्ल्डस्किल्स एशिया कॉम्पिटिशन (डब्ल्यूएसएसी) 2025 में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल के लिए एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता 27-29 नवंबर 2025 को चाइनीज ताइपे में होने वाली है। यह पहली बार है जब भारत वर्ल्डस्किल्स एशिया प्लेटफॉर्म में हिस्सा ले रहा है। यह आयोजन देश की वैश्विक कौशल यात्रा के लिए एक अहम मील का पत्थर बन गया है। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी और कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की सचिव देवश्री मुखर्जी उपस्थित थीं। इस कार्यक्रम में एमएसडीई के वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार ज्ञान भूषण और प्रसिद्ध अभिनेता सुदेश बेरी भी मौजूद थे, जिन्होंने अपने उत्साहवर्धक शब्दों से दल को प्रेरित किया।


इस वर्ष, इस मशहूर कॉन्टिनेंटल कॉम्पिटिशन में 38 कौशल श्रेणी में 500 से अधिक प्रतियोगी हिस्सा लेंगे, जो लगभग 40 एशियाई सदस्य और गेस्ट देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे। वर्ल्डस्किल्स इंडिया के इम्प्लीमेंटेशन और नॉलेज पार्टनर, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के नेतृत्व में भारतीय दल में 23 प्रतियोगी और 21 एक्सपर्ट शामिल हैं और यह 21 कौशल श्रेणी में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारतीय दल एशिया के सबसे स्किल्ड युवा प्रोफेशनल्स के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुकाबला करेगा और वैश्विक कौशल उत्कृष्टता में भारत की बढ़ती ताकत को दिखाएगा।


समारोह में बोलते हुए जयन्त चौधरी ने कहा, “वर्ल्डस्किल्स एशिया में हिस्सा लेने वाले युवा प्रतिभागी ग्लोबल स्किल्स लीडर के तौर पर भारत की बढ़ती ताकत को दिखाते हैं। हमें पूरा विश्वास है कि महीनों की कड़ी ट्रेनिंग, एक्सपर्ट्स की मेंटरशिप और हमारे सेक्टर स्किल काउंसिल्स, मंत्रालय और इंडस्ट्री पार्टनर्स के अटूट सहयोग ने इन प्रतिभागियों को इस समय के लिए तैयार किया है। सरकार उन प्रतिभाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो प्रतिस्पर्धा और सहयोग कर सकें और विश्व की कौशल राजधानी बनने के विजन में अपना योगदान दे सकें।
ये उम्मीदवार न्यू एज और पारंपरिक स्किल्स की अलग-अलग श्रेणी में बेहतरीन काम करते हैं, जिसमें डिजिटल और आईटी टेक्नोलॉजी, मोबाइल रोबोटिक्स, मेक्ट्रोनिक्स, सीएनसी मिलिंग, वेब डेवलपमेंट, ऑटोमोटिव रिपेयर, फैशन टेक्नोलॉजी, ग्राफिक डिज़ाइन, ब्यूटी थेरेपी और फ्यूचर ऑफ वर्क को तय करने वाले दूसरे उच्च मांग वाले कौशल शामिल हैं।
वर्ल्डस्किल्स एशिया 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिभागियों को एनएसडीसी द्वारा आयोजित देश की सबसे बड़ी कौशल चौंपियनशिप, इंडियास्किल्स कॉम्पिटिशन 2024 द्वारा एंकर की गई एक कठोर, मल्टी-टियर नेशनल प्रोसेस के माध्यम से चुना गया था। इंडियास्किल्स प्रतियोगिता के विजेताओं को विश्व भर में प्रतिष्ठित वर्ल्डस्किल्स चौप्टर्स में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलता है, जो कई अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्मों पर भारत की प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।
टीम का हौसला बढ़ाते हुए, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की सचिव देवश्री मुखर्जी ने कहा वर्ल्डस्किल्स एशिया में भारत की पहली भागीदारी देश की स्किलिंग यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण और असेसमेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने में एमएसडीई के लगातार प्रयासों ने युवा प्रतियोगियों को ग्लोबल बेंचमार्क हासिल करने में सक्षम बनाया है। उन्होंने टीम से अपनी क्षमताओं के अनुसार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने, उत्कृष्टता के राष्ट्रीय मानकों को बनाए रखने और देश को गौरवान्वित करने का आग्रह किया।

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