उत्तराखण्डराज्य

पीएलआई विवाद पर भड़का बैंकिंग सेक्टर

यूएफबीयू आंदोलन को देशभर में जबरदस्त समर्थन

देहरादून: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) द्वारा संशोधित परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के विरोध में शुरू किए गए आंदोलन को देशभर में व्यापक समर्थन मिला है। बैंक शाखाओं से लेकर प्रशासनिक कार्यालयों तक कर्मचारियों और अधिकारियों ने स्वतःस्फूर्त भागीदारी करते हुए इस एकतरफा फैसले के खिलाफ अपनी एकजुटता दिखाई है।
यूएफबीयू का कहना है कि वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) द्वारा प्रस्तावित नया पीएलआई फार्मूला न केवल एकतरफा है, बल्कि यह कर्मचारियों के बीच विभाजन पैदा करने वाला भी है। मौजूदा पीएलआई व्यवस्था बैंक के सामूहिक प्रदर्शन पर आधारित है, जबकि नया फार्मूला अधिकारियों के बीच कृत्रिम वर्गीकरण कर असमानता को बढ़ावा देता है। इससे टीम वर्क और औद्योगिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेष रूप से स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों को अलग कर व्यक्तिगत मूल्यांकन आधारित संरचना लागू करने के प्रस्ताव ने कर्मचारियों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। यूएफबीयू का मानना है कि यह कदम लंबे समय से चली आ रही द्विपक्षीय समझौतों की भावना के खिलाफ है और कार्यबल की एकता को कमजोर करता है।
गौरतलब है कि यह मामला मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के समक्ष सुलह प्रक्रिया में लंबित है। नौ मार्च 2026 को हुई बैठक में इस पर चर्चा भी हुई थी। ऐसे में सुलह के दौरान किसी भी तरह का एकतरफा निर्णय औद्योगिक संबंधों के स्थापित सिद्धांतों के विपरीत बताया जा रहा है। यूएफबीयू ने मुख्य श्रम आयुक्त से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए डीएफएस, आईबीए और बैंक प्रबंधन से अपील की है कि वे एकतरफा कदमों को रोककर वार्ता के माध्यम से समाधान निकालें। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संभावित औद्योगिक अशांति की जिम्मेदारी संबंधित पक्षों पर होगी।
इस दौरान इन्द्र सिंह रावत, संयोजक यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन, हेमंत मल्होत्रा स्टेट सचिव, ए आई बी ओ सी, सी के जोशी महामंत्री यू बी ई यू , राजन पुंडीर उप महामंत्री यू भी ई यू उत्तराखंड मौजूद रहे ।

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