आईएचसीएल ने हेरिट-ऐज सेलिब्रेशन के साथ मनाया विश्व विरासत दिवस

- भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत यहां के लोगों, समुदायों और माहिर शिल्पियों पर टिकी है- गौरव पोखरियाल
- उत्तराखंड के ताज ऋषिकेश रिज़ॉर्ट एंड स्पा में योग एवं वैदिक मंत्रोच्चार के ज़रिए संपूर्ण स्वास्थ्य का अनुभव कर सकते हैं।
ऋषिकेश : इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) ने विश्व विरासत दिवस के अवसर पर अपने ईएसजी प्लस फ्रेमवर्क ’पथ्य’ के मार्गदर्शन में अपने कुछ चुनिंदा होटलों में हेरिट-ऐज सेलिब्रेशन की घोषणा की है। आईएचसीएल की दायित्वपूर्ण पर्यटन के दर्शन का पालन करती है और इसी के मुताबिक यह दो दिवसीय कार्यक्रम भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत पर केन्द्रित है।
आईएचसीएल में मानव संसाधन के कार्यकारी उपाध्यक्ष गौरव पोखरियाल ने इस मौके पर कहा, ’’भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत यहां के लोगों, समुदायों और माहिर शिल्पियों पर टिकी है, जो पीढ़ियों से इन परम्पराओं को जीवंत बनाए हुए हैं। पथ्य के मार्गदर्शन में, हेरिट-ऐज अपनी ज़िम्मेदारी को कार्यवाही में बदलता है, आजीविका को सक्षम बनाता है, स्थानीय समुदायों को मज़बूत करता है और हमारे अतिथियों के लिए ऐसे इमर्सिव अनुभव तैयार करता है जो भारत के हृदय और आत्मा से गहरा जुड़ाव कायम करते हैं।
भारत की जीवंत परम्पराओं के संरक्षक के तौर पर, आईएचसीएल के हेरिट-ऐज सेलिब्रेशन का मकसद देश की समृद्ध सांस्कृतिक, अमूर्त विरासत को उन पहलों के ज़रिए बढ़ाना है जो स्थानीय कारीगरों और हमारी उन विशेष परम्पराओं को सहयोग करती हैं जो पीढ़ियों से चली आ रही हैं। 17-18 अप्रैल 2026 को हिस्सा लेने वाले होटल अपने-अपने क्षेत्र के विशिष्ट अनुभव तैयार करेंगे, जैसे कि उदयपुर के ताज लेक पैलेस में कर्मचारियों और मेहमानों के लिए एक कुकिंग क्लास, जिसमें खोई हुई स्थानीय व्यंजन विधियों पर फोकस किया जाएगा; गोवा के ताज ऐक्ज़ॉटिका रिज़ॉर्ट एंड स्पा में गोवा के ऐतिहासिक चर्चों में गाइडेड हेरिटेज वॉक और जयपुर के रामबाग पैलेस में सांस्कृतिक विरासत पर एक सत्र। अतिथिगण ताज सवाई रणथंभौर में शिल्प कार्यशालाओं में हिस्सा ले सकते हैं, मुंबई के ताज सांताक्रूज़ में एक लोकल फ़ूड फेस्टिवल में हिस्सा ले सकते हैं, या उत्तराखंड के ताज ऋषिकेश रिज़ॉर्ट एंड स्पा में योग एवं वैदिक मंत्रोच्चार के ज़रिए संपूर्ण स्वास्थ्य का अनुभव कर सकते हैं। पथ्य के अनुसार, इस आयोजन में सहभागी होटल बच्चों के लिए इंट्रैक्टिव स्टोरीटेलिंग सेशन भी रखेंगे। अपने-अपने क्षेत्रों के स्थानीय शिल्पकारों -जैसे गुजरात की बन्धनी और रोगन कला, राजस्थान की ब्लॉक प्रिंटिंग और तमिलनाडु की तंजौर पेंटिंग- को सहयोग देने और सशक्त करने के लिए एक हेरिटेज हॉल पॉप-अप भी रखेंगे। इनके अलावा पारम्परिक प्रदर्शनों वाली शामों की मेज़बानी भी ये होटल करेंगे।




