‘गदर: एक प्रेम कथा’ के 25 साल पूरे, ज़ी सिनेमा-ज़ी बॉलीवुड और ज़ी स्टूडियोज़ मना रहे जश्न

मुंबई।भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित और सफल फिल्मों में शुमार गदर : एक प्रेम कथा ने अपने 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस खास अवसर पर ज़ी सिनेमा, ज़ी बॉलीवुड और जी स्टूडियोज उस ऐतिहासिक फिल्म की विरासत का जश्न मना रहे हैं, जिसने न केवल बॉक्स ऑफिस पर नए कीर्तिमान स्थापित किए, बल्कि ज़ी स्टूडियोज़ की सिनेमाई यात्रा की भी शुरुआत की।
वर्ष 2001 में निर्देशक अनिल शर्मा के निर्देशन में रिलीज़ हुई ‘गदर: एक प्रेम कथा’ भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित एक भावनात्मक प्रेम कहानी थी। प्रेम, त्याग, परिवार और देशभक्ति जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने वाली इस फिल्म ने दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बनाई। तारा सिंह और सकीना के किरदार आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय पात्रों में गिने जाते हैं।
ज़ी स्टूडियोज़ के लिए भी यह फिल्म विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह उसकी पहली फिल्म थी। इसी फिल्म से शुरू हुई यात्रा ने आगे चलकर भारतीय सिनेमा को कई सफल और यादगार फिल्में दीं। पिछले 25 वर्षों में ‘गदर’ सिनेमाघरों, टेलीविज़न और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से लगातार नई पीढ़ियों तक पहुंचती रही है।
फिल्म के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इसका विशेष प्रसारण 15 जून को किया जाएगा। दर्शक फिल्म को दोपहर 2 बजे ज़ी सिनेमा और रात 8 बजे ज़ी बॉलीवुड पर देख सकेंगे।
फिल्म की सफलता और विरासत को याद करते हुए सनी देओल ने कहा कि तारा सिंह के किरदार ने उन्हें दर्शकों से ऐसा जुड़ाव दिया, जो समय के साथ और मजबूत होता गया। उन्होंने कहा कि 25 साल बाद भी फिल्म के प्रति लोगों का प्रेम उतना ही प्रबल है और यह किसी भी अभिनेता के लिए सबसे बड़ा सम्मान है।
वहीं अमीशा पटेल ने कहा कि सकीना का किरदार उनकी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों बाद भी दर्शकों को इस कहानी का जश्न मनाते देखना उनके लिए भावुक कर देने वाला अनुभव है।
फिल्म में सनी देओल और अमीषा पटेल के बेटे की भूमिका निभाने वाले उत्कर्ष शर्मा ने कहा कि यह उनकी पहली फिल्म थी और इसके जरिए उन्हें अभिनय और फिल्म निर्माण की दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिला।
निर्देशक अनिल शर्मा ने कहा कि ‘गदर’ को पूरी ईमानदारी और भावनाओं के साथ बनाया गया था। दर्शकों ने इसे सिर्फ एक फिल्म नहीं रहने दिया, बल्कि एक ऐसी विरासत में बदल दिया जो आज भी लोगों के दिलों में जीवित है।

