वैश्विक कारकों और घरेलू आंकड़ों से तय होगी बाजार की दिशा

मुंबई: बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजारों में रही लिवाली के बाद आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर ईरान शांति वार्ता और विभिन्न वृहत आर्थिक संकेतकों पर होगी।
ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की उम्मीद में गत शुक्रवार को हुई जबरदस्त लिवाली से पिछले सप्ताह घरेलू शेयर बाजारों में साप्ताहिक तेजी देखी गयी। आने वाले सप्ताह में भी शांति वार्ता की प्रगति सबसे प्रमुख कारक होगा।
घरेलू स्तर पर महंगाई और आयात-निर्यात के आंकड़ों के साथ मानसून की प्रगति का असर बाजार पर दिखेगा। खुदरा महंगाई के आंकड़े शुक्रवार शाम जारी हुए हैं जबकि थोक महंगाई के आंकड़े सोमवार दोपहर जारी होने हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक 16 और 17 जून को होनी है। फेड का बयान भी शेयर बाजार को प्रभावित करेगा। गत सप्ताह सोमवार और गुरुवार को छोड़कर शेष तीन दिन बाजार में तेजी रही।
विशेषकर, शुक्रवार को प्रमुख सूचकांक दो प्रतिशत चढ़ गये। बीएसई का सेंसेक्स 1,284.61 अंक (1.73 प्रतिशत) की साप्ताहिक बढ़त के साथ सप्ताहांत पर 75,527.95 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 256.20 अंक यानी 1.10 प्रतिशत चढ़कर 23,622.90 अंक पर पहुंच गया। वृहत बाजार में निवेशकों ने कुछ कम पैसा लगाया। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.39 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.48 प्रतिशत चढ़ा। बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों में जहां लिवाली हावी रही, वहीं आईटी कंपनियां दबाव में रहीं।
सेंसेक्स में कोटक महिंद्रा बैंक में सबसे अधिक 6.85 प्रतिशत की साप्ताहिक तेजी देखी गयी। एक्सिस बैंक का शेयर 6.47 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक का 6.19, इंडिगो का 5.14, भारतीय स्टेट बैंक का 4.00, एचडीएफसी बैंक का 3.35 और बजाज फाइनेंस का 3.32 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।
मारुति सुजुकी का शेयर 2.47 प्रतिशत, एलएंडटी का 2.43, एशियन पेंट्स का 2.28 और हिंदुस्तान यूनीलिवर का 2.20 प्रतिशत चढ़ा।
अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.81 प्रतिशत, आईटीसी में 1.57, सनफार्मा में 1.33 और भारती एयरटेल में 1.31 प्रतिशत की तेजी रही।
इंफोसिस का शेयर सबसे अधिक 6.73 प्रतिशत गिर गया। इटरनल का शेयर 4.93 फीसदी, टाटा स्टील का 4.33, एचसीएल टेक्नोलॉजीज का 3.92, टेक महिंद्रा का 3.59, एनटीपीसी का 2.13, टाइटन का 1.71 और टीसीएस का 1.67 प्रतिशत उतर गया। बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, अडानी पोर्ट्स और बीईएल के शेयर भी नीचे बंद हुए।



