36 दिनों में, 10 राज्यों के 27 शहरों से गुज़रते हुए और लाखों-करोड़ों स्वर समेटे हुए अवादा भारत उदय यात्रा हुई सम्पन्न
इस परिवर्तनकारी यात्रा के सफल समापन समारोह में शामिल हुए केन्द्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल

देहरादून। इंटिग्रेटिड एनर्जी ट्रांज़िशन के क्षेत्र में भारत की अग्रणी कंपनी अवादा ग्रुप द्वारा संचालित अवादा भारत उदय यात्रा का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। भारत को स्वच्छ ऊर्जा के मामले में आगे बढ़ाने और सतत विकास को संभव बनाने की दिशा में योगदान देने के लिए अवादा का यह अपनी किस्म का पहला राष्ट्रव्यापी आंदोलन था। समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर अवादा एनर्जी के सीईओ किशोर नायर ने केन्द्रीय मंत्री को सम्मानित किया।

अवादा ग्रुप ने अवादा भारत उदय यात्रा की शुरुआत इस उद्देश्य के साथ की कि सस्टेनेबिलिटी (संधारणीयता) और स्वच्छ ऊर्जा के विषय पर होने वाली चर्चा बंद कमरों और नीति मंचों से बाहर निकल कर पूरे देश की जनता के बीच पहुंचे और वे भी इसमें सहभागी बनें। बीते 36 दिनों के दौरान अवादा भारत उदय यात्रा दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार व ओडिशा के 27 शहरों से होकर गुजरी है। अवादा की यह पहल एक ऐसा शक्तिशाली मंच बन कर उभरी है जिस पर सस्टेनेबिलिटी (संधारणीयता), नवीकरणीय ऊर्जा व जलवायु दायित्व के मुद्दों पर अर्थपूर्ण संवाद हुआ है जिसमें देश के नागरिकों, विद्यार्थियों, संस्थानों एवं संबंधित पक्षों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और इस तरह जमीनी स्तर पर इन अहम विषयों पर बातचीत हो पाई है।

यात्रा के समापन समारोह पर उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री-जल शक्ति, भारत सरकार, सी.आर. पाटिल ने कहा, भारत को सतत विकास के पथ पर अग्रसर करने के लिए हर एक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। देश की सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में पीएम-कुसुम योजना, पीएम सूर्य घर योजना (नवीकरणीय ऊर्जा के अमल हेतु) जैसी परिवर्तनकारी पहलें कर रही है। इन पहलों का दीर्घकालिक प्रभाव तभी सुनिश्चित किया जा सकता है जब ये सभी प्रयास एक जन आंदोलन में बदल जाएं। मैं विनीत मित्तल और अवादा में उनकी टीम को भारत उदय यात्रा के सफल समापन पर बधाई देता हूं, जिसने सस्टेनेबिलिटी (संधारणीयता) का संदेश सीधे जनता तक पहुंचाया है और देश के नागरिकों को प्रेरित किया है कि वे भारत के हरेभरे भविष्य में स्टेकहोल्डर बनें।
इस प्रकार मिलजुल कर काम करके ही हम एक मजबूत, आत्मनिर्भर और पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित भारत का निर्माण कर सकेंगे।
यात्रा के सफल समापन पर अवादा ग्रुप के चेयरमैन, विनीत मित्तल ने कहा, अवादा भारत उदय यात्रा का प्रारंभ जागरूकता प्रसार की एक पहल के तौर पर हुआ; जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ी वह एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन गई और नागरिक देश के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य से जुड़ते चले गए। विभिन्न स्थानों पर हर आयु वर्ग के लोगों में भारत की संधारणीय (सस्टेनेबिलिटी) यात्रा में भाग लेने हेतु इच्छा वृद्धि देखी गई। इस पहल को जो ज़बरदस्त प्रतिक्रिया मिली है उससे हमारा यह विश्वास और मज़बूत हुआ है कि ऊर्जा के मामले में भारत का रूपांतरण तभी सबसे ज्यादा असरदार होगा जब यह केवल नीति व तकनीक से ही नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से आगे बढ़े। जैसे-जैसे हम विकसित भारत के ध्येय की ओर अग्रसर होंगे, इस प्रकार की पहलें जागरूकता पैदा करने, कार्रवाई के लिए प्रेरित करने और सस्टेनेबिलिटी को एक साझा राष्ट्रीय दायित्व में बदलने में अहम भूमिका निभाएंगी।




