डिग्रीधारी बेरोजगार लैब तकनीशियनों ने किया मुख्यमंत्री आवास कूच

देहरादून । अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर आज मेडिकल लैब टैक्नोलॉजिस्ट संघ के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में डिग्रीधारी बेरोजगार मेडिकल लैब तकनीशियनों ने मुख्यमंत्री आवास कूच किया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी प्रदर्शनकारी गांधी पार्क, राजपुर रोड पर एकत्रित हुए, जहां से उन्होंने मुख्यमंत्री आवास के लिए कूच प्रारम्भ किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की।
हाथीबड़कला क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया गया, जिस पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग के सामने ही धरने पर बैठ गए और सरकार के विरुद्ध अपना विरोध दर्ज कराया।
संघ के अध्यक्ष आशीष चंद्र एवं प्रदेश महासचिव मयंक राणा ने सरकार पर बेरोजगार लैब तकनीशियनों की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के डिग्रीधारी बेरोजगार मेडिकल लैब तकनीशियन पिछले एक माह से एकता विहार स्थित धरना स्थल पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं, लेकिन सरकार द्वारा उनकी न्यायोचित मांगों के समाधान हेतु अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। लगातार ज्ञापन, वार्ताओं और शांतिपूर्ण आंदोलनों के बावजूद सरकार की उदासीनता के कारण उन्हें मुख्यमंत्री आवास कूच करने के लिए बाध्य होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य गठन के 26 वर्ष बीत जाने के बाद भी चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में उनके समकक्ष लगभग सभी संवर्गों की सेवा नियमावली बनाई जा चुकी है तथा समय-समय पर उनके पदों पर भर्ती भी की जाती रही है। इसके विपरीत डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों के लिए आज तक न तो नई सेवा नियमावली बनाई गई और न ही नियमित रूप से पद सृजित एवं विज्ञापित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में वर्ष 1994 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई पुरानी नियमावली ही लागू है, जिसमें आज तक आवश्यक संशोधन नहीं किए गए हैं। जबकि वर्ष 1995 से प्रदेश के 80 से अधिक निजी संस्थानों तथा वर्तमान में चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है। लाखों रुपये शुल्क देने के बावजूद प्रतिवर्ष सैकड़ों प्रशिक्षित युवा बेरोजगारों की कतार में शामिल होने को मजबूर हैं।
प्रदर्शन के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए सरकार की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता का प्रयास किया, किन्तु प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से सीधी वार्ता की मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक चले विरोध और बातचीत के बाद सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय से दूरभाष पर वार्ता कराई गई तथा लिखित आश्वासन दिया गया कि सोमवार को दोपहर 12 बजे संगठन के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की स्वास्थ्य सचिव के साथ चार सूत्रीय मांगों पर औपचारिक वार्ता कराई जाएगी।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री के निजी सचिव द्वारा भी दूरभाष पर संगठन को आश्वस्त किया गया कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री स्तर पर भी वार्ता कराने का प्रयास किया जाएगा। लिखित आश्वासन प्राप्त होने के पश्चात संगठन द्वारा मुख्यमंत्री आवास कूच को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
हालांकि संगठन ने स्पष्ट किया कि एकता विहार स्थित धरना स्थल पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक एवं ठोस निर्णय नहीं लेती।
मुख्यमंत्री आवास कूच में उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट, कोषाध्यक्ष देवेंद्र दत्त, संगठन मंत्री अनुराग पंत, गणेश गोदियाल, आशुतोष मलासी, दीपक जोशी, पिंकी नौटियाल, प्रियंका पुरोहित, धर्मेंद्र सिंह, पंकज बिष्ट, हेमंत नौटियाल, संदीप रावत, सोहन रावत, लोकेंद्र भट्ट, शालिनी, शैफाली रावत, वर्षा नेगी, प्रियंका नेगी सहित सैकड़ों की संख्या में मेडिकल लैब तकनीशियन शामिल रहे।




