उत्तराखण्डराज्य

जंगली जानवरों के खिलाफ जन आक्रोश रैली

विकासखंड दुगड्डा । ग्राम सभा जयगांव के अंतर्गत भट्ट गांव, जयगांव व आसपास के गांव के ग्रामीणों ने जंगली जानवरों के आक्रमण के खिलाफ विशाल जनसभा का आयोजन किया और तत्पश्चात 11 व 12 तारीख अगस्त को रैली निकाली गई l रैली के दौरान ग्रामीणों ने अनेक नारे लगाए जैसे
1. ” वोट उसी को मिलेगा जो हमें जंगली जानवरों से बचाएगा ”
2. गुलदार की संख्या अत्यधिक बढ़ गई है अब इसका संरक्षण बंद करो.
3. संविधान के अनुसार हमें निडर होकर जीने का अधिकार दो.
4. 4. जंगली सूअर और बंदरों से हमारी खेती की रक्षा करो.
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पक्षी विद, पर्यावरण विद् एवं वन्य जीव वैज्ञानिक व गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर तथा ग्राम भट्टगांव, पौड़ी गढ़वाल ,के निवासी डॉ. दिनेश चंद्र भट्ट ने जनसभा को संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान में गुलदार की संख्या वनों की धारण क्षमता से 6 गुना अधिक हो गई है अतः वन्य जीवन अधिनियम 1972 के अनुसार अब इनको संरक्षित सूची से हटाया जाना चाहिए और वर्मिन घोषित कर इनकी कलिंग की जानी अपेक्षित है l
उन्होंने यह भी बताया कि बंदरों और जंगली सूअर की संख्या भी कई गुना अधिक बढ़ गई है अतः राज्य सरकार को इन्हें वर्मिन घोषित कर इनको कलिंग करने का आदेश दिया जाना चाहिए l क्योंकि इनकी अधिकता के कारण ग्रामीण अपनी खेती नहीं कर पा रहे हैं जिससे इंडीजीनस गेहूं , धान, उड़द ,गहत ,लोबिया, रयास ,चिचिंडा, काकड़ी, छींमि एवं अन्य सब्जियां की प्रजातियां धीरे-धीरे विलुप्त हो रही है जो कि जैव विविधता के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है l ग्रामीणों की जान माल की हानि के साथ-साथ कृषि और खेती पर भारी असर पड़ रहा है जिससे लोग खेती नहीं कर पा रहे हैंl गुलदार के डर के मारे लोग खेतों में नहीं जा पा रहे हैं क्योंकि वह दिन दहाड़े ही आक्रमण कर रहा है और आजकल उसके बच्चे भी शैशव अवस्था में पल रहे हैं वर्तमान में इस ग्रामीण क्षेत्र में तीन गुलदार सक्रिय है और दो के बच्चे पैदा हो रखे हैं और यह सभी गुलदार बच्चों के लिए भी शिकार करने के लिए तैयार बैठे हैं जिससे अगले 1 – 2 हफ्ते में ग्रामीणों के लिए डबल खतरा उत्पन्न होगा.

डॉ दिनेश चंद्र भट्ट ने बताया कि राज्य सरकार ,लोक प्रतिनिधि शिवम जिला विकास अधिकारी को बार-बार अनुरोध कराया गया है की पूरे डुगड़ा ब्लॉक के अंतर्गत लैंनटना झाड़ियां के समूल विनाश के लिए जिला कार्य योजना के अंतर्गत धन का आवंटन किया जाए l दुर्भाग्य से अभी इस पर कोई कार्रवाई जिला स्तर या ब्लॉक स्तर पर संभव नहीं हो पाई है और नहीं जनप्रतिनिधि इस समस्या की ओर अपना ध्यान दे पा रहे हैंI जबकि यह समस्या गंभीर है और इसी झाड़ी के अंदर गुलदार अपने को छुपा कर रखता है और ग्रामीणों पर और उनके पशुओं पर घात लगाकर हमला करता है l

सूचय है की लगभग दो दशक पूर्व इसी दो गांव ( भट्टगांव और जयगांव) में गुलदार ने 7 ग्रामीणों को 2 साल के अंदर ही मार डाला था l और इन दो सालों में फिर यहां करीब 12 पालतू पशुओं को मार डाला गया और तीन ग्रामीण गुलदार के हमले से बाल बाल बच निकले l जिसमें इसी हफ्ते जयगांव की यशोदा नाम की एक महिला गुलदार (जो अपने दो बच्चों के साथ था) के आक्रमण से किसी तरह से अपने को बचाकर आई. ग्राम प्रधान सुमन बिष्ट, उप प्रधान निर्मल कुमार ने भी अपने विचार सभा में व्यक्त किया और करीब 90 वर्ष के सीनियर सिटीजन रामलाल जी ने भी अपने अनुभव साझा किया l महाराज बिष्ट जी ने कार्यक्रम को ऑडियो वीडियो द्वारा लाइव संप्रेषण किया l कार्यकारिणी के सदस्य लोकपाल जी एवं अन्य सदस्यों ने कार्यक्रम मैं सक्रिय योगदान दिया. इस सभा के द्वारा एक प्रतिवेदन तैयार किया गया जिसे केंद्र सरकार और राज्य सरकार के अधिकारियों को संप्रेषित किया जाएगा

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