उत्तराखण्डराज्य

सीएसआईआर-सीबीआरआई में ओपन डे, छात्राओं ने देखीं अत्याधुनिक अनुसंधान एवं परीक्षण सुविधाएं

  • विज्ञान से निर्माण तकः सीएसआईआर-सीबीआरआई के ओपन डे में विद्यार्थियों ने समझी नई तकनीकों की उपयोगिता
  • सुरक्षित और सतत भवन निर्माण की तकनीकों से रूबरू हुईं 112 छात्राएं

रुड़की। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के 85वें स्थापना दिवस के अवसर पर सीएसआईआर-केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई), रुड़की में 25 सितंबर को ओपन डे कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अनुसंधान की प्रक्रिया से परिचित कराने के साथ भवन विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए जा रहे अनुसंधान, विकसित तकनीकों और उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी देना था। ओपन डे के दौरान विद्यार्थियों ने संस्थान की विभिन्न प्रयोगशालाओं, अनुसंधान एवं परीक्षण सुविधाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया तथा वैज्ञानिकों के साथ संवाद कर अनुसंधान, नवाचार और नई निर्माण तकनीकों से जुड़े विषयों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित, सतत, आपदा-रोधी, ऊर्जा-कुशल एवं किफायती भवन निर्माण में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के अवसर पर सीएसआईआर के 85 वर्षों की वैज्ञानिक यात्रा, अनुसंधान क्षमताओं, तकनीकी नवाचारों तथा उद्योगोन्मुखी समाधानों को प्रदर्शित किया गया। सीएसआईआर-इंडस्ट्री कनेक्ट एग्जिबिशन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, नई तकनीकों एवं प्रकाशनों का विमोचन तथा सीएसआईआर साइ-आर्ट गैलरी प्रमुख आकर्षण रहे। इस अवसर पर सीएसआईआर/85 विशेष प्रकाशन भी जारी किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, डॉ. जितेंद्र सिंह ने अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में सीएसआईआर की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने सीएसआईआर की 85 वर्षों की वैज्ञानिक यात्रा और राष्ट्र की वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति में योगदान को प्रदर्शित करने वाले स्मारक डाक टिकट का भी अनावरण किया। सीएसआईआर-सीबीआरआई के ओपन डे में मेथोडिस्ट गर्ल्स डिग्री कॉलेज की 112 छात्राओं और तीन संकाय सदस्यों ने भाग लिया। संस्थान पहुंचने पर प्रतिभागियों को सीबीआरआई की प्रमुख अनुसंधान गतिविधियों, तकनीकी क्षेत्रों तथा भवन क्षेत्र में संस्थान की भूमिका से अवगत कराया गया। डॉ. नीरज जैन, वैज्ञानिक एफ एवं प्रमुख, आउटरीच एंड डिसेमिनेशन सर्विसेज ने भ्रमण का समन्वय करते हुए संस्थान की वैज्ञानिक उपलब्धियों और अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी दी।
विद्यार्थियों ने डॉ. बिलिग प्रदर्शनी दीर्घा का अवलोकन किया, जहां भवन निर्माण एवं वास्तुकला से संबंधित विभिन्न मॉडलों और तकनीकों के माध्यम से अनुसंधान कार्यों को समझाया गया। डॉ. हेमलता, वैज्ञानिक श्डीश् ने राम मंदिर मॉडल की वास्तुकला एवं निर्माण संबंधी विशेषताओं की जानकारी देते हुए निर्माण तकनीक और संरचनात्मक विशेषताओं को समझाया। इस दौरान डॉ. चंदन स्वरूप मीणा, वैज्ञानिक श्ईश् ने विद्यार्थियों से संवाद किया और संस्थान की विभिन्न अनुसंधान एवं तकनीकी परियोजनाओं की जानकारी साझा की। विद्यार्थियों ने वैज्ञानिकों से अनुसंधान, नई निर्माण तकनीकों और भवन क्षेत्र में नवाचार से जुड़े सवाल पूछे। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने फायर सेफ्टी इंजीनियरिंग, रूरल पार्क और सोलर थर्मल टेस्टिंग फैसिलिटी का भी अवलोकन किया। इन सुविधाओं के माध्यम से उन्हें सतत एवं किफायती आवास, आपदा-रोधी एवं सुरक्षित निर्माण, अग्नि सुरक्षा, उन्नत भवन निर्माण सामग्री, ऊर्जा दक्षता और आधुनिक निर्माण तकनीकों की जानकारी मिली। सुविधा में विद्यार्थियों को निर्माण क्षेत्र में डिजिटल एवं स्वचालित तकनीकों की संभावनाओं से परिचित कराया गया। वहीं फायर सेफ्टी इंजीनियरिंग सुविधाओं के माध्यम से अग्नि सुरक्षा और जोखिम न्यूनीकरण के महत्व को समझाया गया। रूरल पार्क में ग्रामीण एवं किफायती निर्माण तकनीकों तथा सोलर थर्मल टेस्टिंग फैसिलिटी में ऊर्जा दक्षता एवं नवीकरणीय ऊर्जा आधारित तकनीकों के परीक्षण और उपयोग की जानकारी दी गई। सीएसआईआर-सीबीआरआई के ओपन डे ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि वैज्ञानिक अनुसंधान किस प्रकार समाज की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक तकनीकी समाधान विकसित करने में योगदान देता है। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, अनुसंधान के प्रति रुचि और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित किया।

Related Articles

Back to top button