उत्तराखण्डराज्य

तुलाज़ यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय स्तर के 30 घंटे के हैकाथॉन ‘हैक द फ्यूचर 3.0’ का आयोजन

21 से अधिक राज्यों की 1,300 से अधिक टीमों ने लिया हिस्सा, तुलाज़ यूनिवर्सिटी की टीम गरुड़ ने हासिल किया प्रथम स्थान

देहरादून : तुलाज़ यूनिवर्सिटी, देहरादून के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा तुलाज़ एसीएम स्टूडेंट चैप्टर के सहयोग से यूनिवर्सिटी परिसर में राष्ट्रीय स्तर के 30 घंटे के हैकाथॉन ‘हैक द फ्यूचर 3.0’ का सफल आयोजन किया गया। “प्रोजेक्ट टू प्रोडक्ट: टर्निंग आइडियाज़ इंटू इम्पैक्ट” थीम पर आयोजित इस हैकाथॉन में देशभर से विद्यार्थियों और युवा नवाचारकर्ताओं ने प्रतिभाग किया। इसका उद्देश्य शैक्षणिक परियोजनाओं और नवीन विचारों को व्यावहारिक, प्रभावी एवं व्यापक स्तर पर उपयोगी समाधानों में परिवर्तित करने के लिए प्रतिभागियों को मंच प्रदान करना था।

हैकाथॉन को देशभर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। इसमें 21 से अधिक राज्यों की 1,300 से अधिक छात्र टीमों ने पंजीकरण कराया। इनमें चार आईआईटी और चार आईटीएम की टीमों ने भी भाग लिया, जो विद्यार्थियों के बीच नवाचार, तकनीक और उद्यमिता के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

पंजीकरण के बाद 296 टीमों ने अपने आइडिया सफलतापूर्वक प्रस्तुत किए, जिनका तुलाज़ यूनिवर्सिटी की आंतरिक फैकल्टी ज्यूरी द्वारा प्रारंभिक मूल्यांकन किया गया। कठोर स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद 72 टीमों को फाइनल ऑन-कैंपस राउंड के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनमें आईआईटी की तीन टीमें भी शामिल रहीं।

हैकाथॉन के उद्घाटन समारोह में कीवी किसान विंडो के ओनर अभिनव अहलूवालिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बाहरी ज्यूरी में डॉ. सुमित कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर, एनआईटी जालंधर; डॉ. अंकित जायसवाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, जेएनयू, नई दिल्ली; डॉ. अनुराग बरमोला, सीनियर मैनेजर, आईएचएफसी, आईआईटी दिल्ली; तथा डॉ. सतिंदर सिंह, प्रोफेसर, बीटीकेआईटी द्वाराहाट शामिल रहे।

आंतरिक ज्यूरी में डॉ. सुनील सेमवाल, डॉ. संजीव सोलंकी, मुकेश पटहेला, डॉ. आशीष गुप्ता और डॉ. शिखा तायल शामिल रहे। वहीं सौरभ कुमार और निशांत वैश्य ने मेंटर्स के रूप में प्रतिभागी टीमों को तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया।

30 घंटे तक चले इस चुनौतीपूर्ण हैकाथॉन में शॉर्टलिस्ट की गई टीमों ने अपने समाधानों को विकसित और बेहतर करने के लिए लगातार काम किया। इस दौरान उन्हें मेंटर्स एवं विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। हैकाथॉन ने प्रतिभागियों को सीमित समय में अपने तकनीकी कौशल, रचनात्मकता, समस्या-समाधान क्षमता और विचारों को कार्यशील समाधानों में बदलने की क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया।

तुलाज़ यूनिवर्सिटी की टीम गरुड़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया और ₹65,000 का नकद पुरस्कार जीता। विजेता टीम में मोहित मिश्रा, विकास कुमार और अश्मित कुमार शामिल रहे।

आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुणे की टीम ‘अच्छी टीम’ ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया और उसे ₹45,000 का पुरस्कार दिया गया। वहीं शारदा यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश की टीम ‘साइफर’ ने तृतीय स्थान हासिल करते हुए ₹35,000 का पुरस्कार प्राप्त किया।

तुलाज़ यूनिवर्सिटी की टीम ‘सागर साथी’ ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया, जबकि एमिटी यूनिवर्सिटी, ग्वालियर, मध्य प्रदेश की टीम ‘वाइल्ड गार्ड’ ने पंचम स्थान हासिल किया। दोनों टीमों को ₹10,000-₹10,000 का पुरस्कार प्रदान किया गया।

हैकाथॉन का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ किया गया। समारोह में तुलाज़ यूनिवर्सिटी के को-फाउंडर एवं सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रौनक जैन विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे। वहीं डीआरडीई के साइंटिस्ट जी डॉ. ए.के. गोयल समारोह के मुख्य अतिथि रहे।

इस अवसर पर तुलाज़ यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रो. डॉ. शैलेंद्र कुमार तिवारी, प्रो वाइस चांसलर; प्रो. डॉ. निशांत सक्सेना, डायरेक्टर एकेडमिक्स; तथा प्रो. डॉ. विजय कुमार उपाध्याय, रजिस्ट्रार भी उपस्थित रहे।

समापन समारोह में विजेता टीमों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया और पुरस्कार प्रदान किए गए।

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