उत्तराखण्डराज्य
बादलो का गुस्सा…

बादलो का गुस्सा
पहाड़ों पे टूट पड़ा
पहाड़ो का गुस्सा
नदी ,नालो पे टूट पड़ा
नदी नालो का गुस्सा
इंसानो पे टूट पड़ा
इंसानो का गुस्सा
देवो पे टूट पड़ा
रोया फूट फूट कर
जब आशियाना उसका टूट पड़ा
क्यू रूठा मुझसे तू
निर्दोष आँखो से
आंसू बन सवाल फूट पड़ा
स्वरचित
लेखक- नवीन उनियाल




