उत्तराखण्डराज्य

गुरू की धरती पर…

गुरू की धरती पर
गुरू का तिरस्कार न हो
फले फुले सब
धन धान्य हो सब
यही गुरू का भाव हो
जियो और जीने दो का
सब के अन्दर सदभाव हो
गुरू की धरती पर
गुरू का सम्मांन हो
हाथ जोड करते है नमन
हम सब अपने गुरू को
सबको उनका
अनन्त शुभकामनां का
आशीर्वाद प्राप्त हो
स्वरचित
नवीन उनियाल

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