उत्तराखण्डराज्य

प्रसूता महिला के साथ तीमारदार को भी मिलेगी रहने और खाने की सुविधा

  • सरकारी अस्पतालों की जिलाधिकारी ने की समीक्षा
  • स्वास्थ्य सेवा बेहतर करने के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश

टिहरी। अस्पताल में होने वाली प्रेगनेंसी के मामलों में अब मरीज के साथ तीमारदार को भी खाने और रहने की व्यवस्था दी जाएगी। यह निर्देश जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने जिले के सभी सरकारी अस्पतालों की समीक्षा मीटिंग लेते हुए अधिकारियों को दिए। उन्होंने सरकारी अस्पताल से मरीज को रेफर किए जाने को गंभीर बताया। उन्होंने मरीजों को रेफर करने के बजाय अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाए जाने के निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट सभागार में सरकारी अस्पतालों की समीक्षा मीटिंग के दौरान जिलाधिकारी ने चाइल्ड, सेक्स रेशों में चंबा, फाकोट व थौलधार की कमी को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों को चाइल्ड सेक्स रेशों की कमी के लिए निगरानी बढाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान पिछले एक साल का रेफलर केसों का डाडा का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने कहा की संबंधित चिकित्साधिकारी यह सुनिश्चित कर ले की जिस अस्पताल में पीड़ित को रेफलर किया जा रहा है, क्या वहां पर पीड़ित को उपयुक्त उपचार मिल पाएगा या नहीं। संबंधित चिकित्सालय के डॉक्टर से पहले ही इस बारे में जानकारी जुटा ली जाए। उन्होंने प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में यह डाटा रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि आम व्यक्ति को एक बेहतरीन उपचार मिल सके यह सभी का प्रयास होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने एक महीने के भीतर ब्लॉकवार अपनी-अपनी कार्य वर्किंग व कैसे जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को शुव्यवस्थित किया जा सकता है, इसके लिए प्रेजेंटेशन के साथ उपस्थित होने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। इस दौरान सीएमओ श्याम विजय, सीएमएस बौराड़ी अमित राय, सीएमएस नरेन्द्र नगर डाँ सुनीता, क्षय रोग जितेंद्र भण्डारी, डा. संजय मिश्रा, डॉ पोखराज सहित सीएससी व पीएससी के चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।

तीमारदार को मिलेगी सुविधा
जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक के दौरान ब्लॉक स्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए कि हाई केस प्रेगनेंसी में जो निशुल्क सुविधा भोजन व ठहरने की मरीज को मिलती है वह तीमारदार को देना भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि धन की कोई कमी नहीं है,संबंधित चिकित्सक अपने नियर बाय होटल व धर्मशाला में भी एक निश्चित धनराशि में यह व्यवस्था करवा सकता है। उन्होंने कहा कि हाई प्रेगनेंसी मामलों में मरीज व तीमारदार को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसका विशेष ध्यान रखा जाए। का सामना न करना पड़े।

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