उत्तराखण्डराज्य
कलयुग की लुगाई….

कलयुग की लुगाई
कईसी आग लगाई
हर तरफ छाई
सतयुग की अप्सरा
भी शर्माई
मोबाइल पे आग लगाई
वाह री कलयुग की लुगाई
साधु संतन के दिमाग पे छाई
जेल की हवा उनको खिलवाई
इंटरनेट पर आई
समाचार पत्र पर आई
राजा को रंक कर
ऐसी पछाड़ लगाई
वाह री कलयुग की लुगाई
बुद्धू बन गए पड़े लिखे
हर किसी के दिमाग पे छाई
वाह री कलयुग की लुगाई
नवीन उनियाल




