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हरिद्वार और सोनीपत स्थित कारखानों के शामिल होने के साथ ही डब्ल्यूईएफ लाइटहाउस नेटवर्क में एचयूएल के कुल छह कारखानों को मिली जगह

  • एचयूएल के हरिद्वार एवं सोनीपत कारखानों को क्रमश: सप्लाई चेन रेजिलिएंस एवं सस्टेनेबिलिटी कैटेगरी में डब्ल्यूईएफ ग्लोबल लाइटहाउस नेटवर्क में मिली जगह
  • एचयूएल के छह कारखानों को कुल आठ डब्ल्यूईएफ लाइटहाउस सम्मान मिले हैं, जो भारत में किसी एफएमसीजी कंपनी के लिए सर्वाधिक हैं
हरिद्वार। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) ने अपने ग्लोबल लाइटहाउस नेटवर्क के तहत हरिद्वार और सोनीपत में हिंदुस्तान यूनीलिवर लिमिटेड (एचयूएल) के कारखानों को लाइटहाउस साइट के रूप में चिह्नित किया है। इन कारखानों को क्रमश: सप्लाई चेन रेजिलिएंस और सस्टेनेबिलिटी की कैटेगरी में उत्कृष्टता के लिए यह सम्मान मिला है। ग्लोबल लाइटहाउस नेटवर्क में डिजिटल मोर्चे पर सबसे ज्यादा उन्नत ऐसे कारखानों को चिह्नित किया जाता है, जिन्होंने परिचालन में आमूलचूल बदलाव किया है, दक्षता बढ़ाई है, सतत विकास को गति दी है और अपने कार्यबल का कौशल निखारा है।
हरिद्वार कारखाने को सप्लाई चेन रेजिलिएंस कैटेगरी में चिह्नित किया गया है। सप्लाई चेन की दृढ़ता बढ़ाने के साथ ही विभिन्न चैनल को सर्व करने के लिए व्यापक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए इस कारखाने को यह सम्मान मिला है। एडवांस्ड फोर्थ इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन (4आईआर) को लागू करते हुए हरिद्वार कारखाने ने खुद को सफलतापूर्वक बड़े मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट से प्रीमियम, स्मॉल-बैच प्रोडक्शन में ढाला है। फैक्टरी में एक एजेंटिक एआई-पावर्ड सप्लाई चेन नर्व सेंटर स्थापित किया गया है, जो बाजार की मांग पर करीब से नजर रखता है और स्वचालित तरीके से प्रोडक्शन को उस हिसाब से एडजस्ट कर देता है। यह सिस्टम समय से पहले ही मैटेरियल रिस्क का अनुमान भी लगाता है और उसे मैनेज करता है, जिससे किसी तरह के व्यवधान की आशंका कम हो जाती है। इसके अतिरिक्त, उद्योग में अपनी तरह के पहले टेक्नोलॉजी द्वारा संचालित ‘नैनो 3.0’ के माध्यम से एक साथ अलग-अलग प्रोडक्ट रन (साइमल्टेनियस प्रोडक्ट रन) संभव होता है, जिससे लचीलापन बढ़ता है। इससे साइट का रेस्पॉन्स टाइम 72 प्रतिशत कम हुआ है, इन्वेंटरी डेज ऑन हैंड को 24 प्रतिशत कम करने में मदद मिली है और ऑन-टाइम-इन-फुल (ओटीआईएफ) डिलीवरी रेट को 99 प्रतिशत पर पहुंचाना संभव हुआ है। इन कदमों के साथ-साथ लगातार कारोबारी विकास भी संभव हुआ है।

हिंदुस्तान यूनीलिवर की सीईओ एवं एमडी प्रिया नायर ने कहा, ‘हरिद्वार और सोनीपत को मिले इस सम्मान के साथ ही यह एचयूएल के लिए उल्लेखनीय उपलब्धियों का वर्ष हो गया है। इस एक साल में हमें कुल चार बार यह सम्मान मिला है।  एचयूएल में हमारा मानना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए। यह हमारी टीमों के उत्साह एवं इनोवेशन का प्रमाण है तथा एक ऐसा एआई संचालित ऑर्गनाइजेशन बनाने के हमारे लक्ष्य को मजबूती देने वाला है, जो समाज एवं पर्यावरण में सकारात्मक योगदान देने के साथ-साथ ग्राहकों को सुपीरियर वैल्यू भी देता है।
हिंदुस्तान यूनीलिवर लिमिटेड के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, सप्लाई चेन योगेश मिश्रा ने कहा, हरिद्वार और सोनीपत के कारखाने दिखाते हैं कि कैसे हम अपनी सप्लाई चेन को ज्यादा दृढ़, रेजिलिएंट और सस्टेनेबल बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं। एआई, एडवांस्ड एनालिटिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी का लाभ लेते हुए हम ऐसी एंड-टू-एंड क्षमता का निर्माण करने के लिए प्रयासरत हैं, जो बदलती मांग के हिसाब से डायनामिक तरीके से प्रतिक्रिया दे सके। यह सम्मान बड़े पैमाने पर इनोवेशन को आगे बढ़ाने की हमारी टीमों की प्रतिबद्धता के प्रभाव को मजबूत करने वाला है और उद्योग के लिए नए मानक स्थापित कर रहा है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की मैनेजिंग डायरेक्टर किवा ऑलगुड ने कहा, दुनिया की अग्रणी मैन्यूफैक्चरिंग कंपनिया अब सिर्फ किसी एक प्रक्रिया को ऑप्टिमाइज करने पर नहीं, बल्कि पूरे ऑपरेटिंग सिस्टम को नए सिरे से परिभाषित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। नए लाइटहाउस कारखाने दिखाते हैं कि कैसे अब इंटेलीजेंस कंपनियों के ऑपरेशंस का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है और कंपनियों को ज्यादा तेजी से प्रतिक्रिया देने, लगातार सीखने और पूरी वैल्यू चेन में परफॉर्मेंस का नया लेवल पाने में सक्षम बना रही है।

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