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युगांडा और फ्रांस में फैला इबोला का संक्रमण

कांगो में एक महीने में रिकॉर्ड मामले दर्ज

कंपाला। लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (डीआरसी) से शुरू हुआ इबोला वायरस का संक्रमण अब दूसरे देशों में भी पैर पसारने लगा है। कांगो में महज एक महीने के भीतर इबोला के पुष्ट मामले रिकॉर्ड एक हजार पार कर चुके हैं। वहीं बुधवार को युगांडा में इबोला का एक और नया मामला सामने आने के बाद वहां कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 20 हो गयी है। यूरोपीय देश फ्रांस में भी इबोला के पहले मामले की पुष्टि हुई है, जहां कांगो से लौटे एक डॉक्टर को जांच में पॉजिटिव पाया गया है। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पीड़ित डॉक्टर का इलाज शुरू कर दिया गया है।

युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर बताया कि देश में अब तक आये कुल 20 मामलों में से 15 मरीज पड़ोसी देश कांगो से आये हैं, जबकि पांच स्थानीय संक्रमण के मामले हैं। युगांडा में हालांकि राहत की बात यह है कि रिकवरी रेट काफी बेहतर है और 20 में से 15 मरीज पूरी तरह ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं। फिलहाल वहां तीन मरीजों का इलाज चल रहा है और दो लोगों की मौत हो चुकी है।

इबोला के मुख्य केंद्र कांगो में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। 15 मई को घोषित हुए इस नये प्रकोप के शुरुआती एक महीने में ही रिकॉर्ड 1,094 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से 277 लोगों की मौत हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के स्वास्थ्य आपातकाल निदेशक अब्दिरहमान महामुद ने जिनेवा में बताया कि अफ्रीका के इतिहास में इबोला फैलने के पहले महीने के भीतर आने वाले मामलों की यह सबसे बड़ी संख्या है। कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, फिलहाल 387 मरीज इलाज या क्वारंटाइन में हैं और 131 संदिग्ध मामले भी दर्ज किये गये हैं।

गौरतबल है कि इस गंभीर खतरे से निपटने के लिए कांगो सरकार ने बड़े पैमाने पर प्रयास तेज कर दिये हैं। पिछले दो हफ्तों में स्वास्थ्य क्षेत्रों में बेडों की संख्या बढ़ाकर 500 से अधिक कर दी गई है। इसके साथ ही, राजधानी किंशासा समेत सर्वाधिक प्रभावित प्रांतों (इतुरी, उत्तर कीवू और दक्षिण कीवू) में जांच की क्षमता को रोजाना 30 टेस्ट से बढ़ाकर 2,000 टेस्ट प्रतिदिन कर दिया गया है।

कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसिकेदी ने महामारी के केंद्र ‘इतुरी प्रांत’ का दौरा करने का एलान किया है। इसके साथ ही, संक्रमण को रोकने के लिए युगांडा और कांगो ने मिलकर एक जॉइंट क्रॉस-बॉर्डर अभियान शुरू किया है, जिसके तहत दोनों देशों की रैपिड रिस्पांस टीमें और मोबाइल लैब सीमाओं पर मिलकर काम करेंगी।

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