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द किंग्स स्कूल कैंटरबरी, बैंगलुरु ने ली होम्स-हिल को फाउंडिंग हेड ऑफ़ प्रेप नियुक्त किया

शिक्षा के क्षेत्र में 25 सालों से अधिक अनुभव के साथ ब्रिटिश शिक्षिका, किंग्स कैंटरबरी, बैंगलुरु का नेतृत्व करेंगी
बेंगलुरु । द किंग्स स्कूल कैंटरबरी, बैंगलुरु ने ली होम्स-हिल को अपना फाउंडिंग हेड ऑफ़ प्रेप नियुक्त किया है। मिस होम्स-हिल अगस्त 2026 के दूसरे सप्ताह से स्कूल जॉइन करेंगी। वे 2027-28 एकेडमिक वर्ष में स्कूल खुलने से एक साल पहले ही यह ज़िम्मेदारी संभाल लेंगी, तथा 3 से 7 साल के बच्चों के लिए स्कूल के शुरुआती सालों और प्रेपरेटरी स्कूल के लिए पाठ्यक्रम एवं लर्निंग का अनुकूल माहौल बनाने में योगदान देंगी।
मिस होम्स-हिल के पास यूनाइटेड किंगडम और इंटरनेशनल स्कूलों में शिक्षा के क्षेत्र में 25 सालों से अधिक का अनुभव है, अपने इस करियर के दौरान उन्होंने 15 सालों से अधिक सीनियर स्कूल लीडरशिप में बिताए हैं। वे शुरूआती सालों से लेकर छठे ग्रेड तक के लिए पाठ्यक्रम, अध्यापन एवं अकादमिक मानकों का नेतृत्व करती रहीं हैं। उन्होंने दुनिया के कुछ सबसे प्रतिष्ठित इंटरनेशनल स्कूलों को अपनी सेवाएं प्रदान की हैं, जिनमें नॉर्ड एंग्लिया एजुकेशन, ईस्ट अफ्रीका में ब्रेबर्न ग्रुप ऑफ़ इंटरनेशनल स्कूल्स, और इंटरनेशनल स्कूल्स पार्टनरशिप (आईएसपी), जहाँ वे वर्तमान में मलेशिया के इपोह स्थित टेनबी इंटरनेशनल स्कूल में कैंपस हेड ऑफ़ लर्निंग के रूप में काम कर रही हैं।
काम के सिलसिले में उन्होंने यूनाइटेड किंगडम, यूरोप, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और एशिया (हंगरी, चीन, थाईलैंड, केन्या और मलेशिया सहित) का दौरा किया है। उन्होंने पाठ्यक्रम के डिज़ाइन, पढ़ाने की गुणवत्ता और मूल्यांकन को बेहतर बनाने के साथ-साथ अभिभावकों और समुदायों के साथ मज़बूत रिश्ते भी बनाए हैं। ब्रेबर्न में करिकुलम और स्टैंडर्ड्स की ग्रुप हैड के तौर पर, उन्होंने 17 स्कूलों में अकादमिक मानकों का नेतृत्व किया। उनके पास हेडशिप के लिए नेशनल प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन है, वह चार्टर्ड कॉलेज ऑफ़ टीचिंग की फेलो हैं और काउंसिल ऑफ़ इंटरनेशनल स्कूल्स के साथ एक मान्यता प्राप्त इवैल्यूएटर भी हैं।
मूल रूप से विज्ञान की अध्यापिका के रूप में प्रशिक्षित मिस होम्स-हिल प्रमाण पर आधारित और बच्चों के अनुकूल दृष्टिकोण के लिए जानी जाती हैं। उनका मानना है कि शिक्षा के शुरुआती साल ही बौद्धिक, भाषा एवं व्यक्तिगत गुणों की नींव रखते हैं। आगे के जीवन की पूरी सीख इन्हीं बुनियादी सिद्धान्तों पर आधारित होती है। यही सोच जूनियर किंग्स के काम का आधार है, जहाँ बच्चों को अपनी जिज्ञासा, आत्मविश्वास और चरित्र को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, उन्हें हर ज़रूरी सहयोग देकर महत्वपूर्ण महसूस कराया जाता है।
प्रेप की फाउंडिंग हेड के तौर पर, मिस होम्स-हिल- शुरुआती सिद्धांतों के आधार पर स्कूल को स्थापित करेंगी। वह द किंग्स स्कूल कैंटरबरी के मूल्यों और विरासत को ध्यान में रखते हुए कम उम्र के छात्रों को मार्गदर्शन देंगी। यह दुनिया के सबसे पुराने स्कूलों में से एक है, जिसकी स्थापना 597 ईस्वी में इंग्लैंड के कैंटरबरी में हुई थी।

इस अवसर पर मिस होम्स-हिल ने कहा, “स्कूल चुनना किसी परिवार के लिए सबसे अहम फैसलों में से एक होता है, और एक शिक्षिका एवं माँ होने के नाते मैं इस ज़िम्मेदारी को बहुत गंभीरता से लेती हूँ। मेरा मानना है कि शुरुआती साल न सिर्फ़ बच्चों की लर्निंग को बल्कि यह भ तय करते हैं कि वे आगे चलकर क्या बनेंगे। बच्चे तब बेहतर विकास करते हैं जब उन्हें लगता है कि उन्हें समझा जा रहा है, उनकी बात सुनी जा रही है और उन्हें अहमियत दी जा रही है। मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे किंग्स जैसे ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी स्कूल में शुरुआत से ही ऐसा माहौल बनाने में योगदान देने का अवसर मिला है। मैं इस साझा विज़न को हकीकत में बदलने के लिए परिवारों, साथियों और स्टूडेंट्स के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूँ।

द किंग्स स्कूल कैंटरबरी इंटरनेशनल की मैनेजिंग डायरेक्टर नीना हंट ने कहाः “ किंग्स कैंटरबरी, बेंगलुरु में उनकी नियुक्ति अपने आप में बेहतरीन है। वे अपने साथ गर्मजोशी, अनुभव और शिक्षा के क्षेत्र में महारत का एक अनूठा संयोजन लेकर आई हैं, ऐसे में उनके साथ काम करने को लेकर हम बेहद उत्सुक हैं। हम एक ऐसा स्कूल स्थापित कर रहे हैं जो उन मूल्यों, महत्वाकांक्षा और आपसी जुड़ाव को दर्शाता है, जिन्होंने 1,400 से अधिक सालों से किंग्स कैंटरबरी की पहचान बनाई है।
ली होम्स-हिल की नियुक्ति, द किंग्स स्कूल कैंटरबरी, बेंगलुरु के विकास में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि है। शुरुआती लीडरशिप टीम के साथ स्कूल 2027 में खुलने की दिशा में अग्रसर है। यह स्कूल ऐसे बेहतरीन शिक्षकों को एक साथ ला रहा है जो ब्रिटिश शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, एक ऐसी शिक्षा जो अकादमिक उत्कृष्टता, चरित्र, जिज्ञासा और अपनेपन की भावना पर आधारित है।

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