लाइफ स्टाइल

मैंने देखा…

मैंने देखा किस्मत को खेलते हुए
मैंने देखा ईमान बिकते हुए
मैंने देखा दोस्ती के नाम पर
इज्जत का जनाजा जाते हुए
मैंने देखा सांस को जाते हुए
वापिस न आते हुए
मैंने देखा महंत को
महत्व न देते हुए
धर्म के नाम पर बिकते
संत को
मैंने देखा युवा को
अपने लिए लड़ते हुए
मैने देखा पति पत्नी के
रिस्तो से खून रिश्ते
पैसों के लिए अस्मत बिकते
मैंने देखा मा को अपने
बच्चों के लिए रोते
बस अब बन्द हो ये आँखे
नही देख सकता इनको रोते हुए
                                                                स्वाचित- नवीन उनियाल

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