नेपाल में भयंकर बाढ़ से मची तबाही

गांव और प्रोजेक्ट साइट्स बहे, 7 की मौत, 28 सुरक्षाकर्मी लापता
काठमांडू। नेपाल में तिब्बत की सीमा से लगे इलाके में अचानक आई जबरदस्त बाढ़ ने कई गांवों और प्रोजेक्ट साइट्स को तबाह दिया। इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई और चीन सीमा के पास 9 जवान तापता हैं। अधिकारियों ने भारी जान-माल के नुकसान की आशंका जताते हुए नदी के किनारे रहने वाले लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि रसुवा के पहाड़ी जिले में स्याप्रु बेसी और तिमुरे इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। साथ ही उन्होंने भोटे कोशी नदी के किनारे रहने वाले लोगों से ज्यादा सावधानी बरतने को कहा है। जिला प्रशासक नरेंद्र परियार ने रॉयटर्स को बताया, “हमें गांवों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट साइट्स के बह जाने की खबरें मिली हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अभी जान-माल के नुकसान का कोई पक्का अनुमान उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा, “काफी जान-माल का नुकसान हो सकता है लेकिन अभी मैं पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकता।
पुलिस और सेना की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगीं
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा कि बचाव और राहत टीमों के साथ-साथ पुलिस और सेना को भी मदद के काम में लगाया गया है। उन्होंने कहा, “निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं।” सरकार ने अपने बयान में कहा, “नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे ज्यादा सावधानी बरतें और सतर्क रहें।”
28 पुलिसकर्मी लापता
इस बाढ़ के कारण सुरक्षा बल के 28 जवान लापता हो गए हैं। जिन 28 सुरक्षाकर्मियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनमें से 19 नेपाल पुलिस के हैं और नौ आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) के हैं। बागमती प्रांत पुलिस कार्यालय के अनुसार, रसुवागढ़ी पुलिस पोस्ट पर तैनात 22 पुलिसकर्मियों में से 13 से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि नौ से संपर्क हो गया है। स्याब्रूबेसी इलाके में नौ पुलिसकर्मियों में से तीन से संपर्क हो गया है, जबकि छह से अभी भी संपर्क नहीं हो पाया है। इसी तरह तिमुरे बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) पर तैनात एपीएफ के नौ जवान भी संपर्क से बाहर हैं।
भोटे कोशी नदी तिब्बत से निकलती है और नेपाल की त्रिशूली नदी में मिलती है, जो आगे चलकर भारत में गंडक नदी के रूप में बहती है। पिछले साल भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ से नौ लोगों की मौत हो गई थी और 24 लोग लापता हो गए थे। साथ ही नेपाल और चीन को जोड़ने वाला फ्रेंडशिप ब्रिज भी बह गया था, जिससे कई महीनों तक ट्रांसपोर्ट और व्यापार ठप रहा था।




