मेरे सपनों का भारत-विकसित भारत 2047 की परिकल्पना पर विद्यार्थियों ने रखे विचार

चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
हिमवंत कवि चंद्र कुंवर बर्त्वाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नागनाथ पोखरी में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत—विकसित भारत 2047’ विषय पर निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने विकसित भारत की परिकल्पना प्रस्तुत करते हुए राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक समानता और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार रखे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण, सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भावना एवं नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. शिवचंद सिंह रावत ने कहा कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को सेवा भावना, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपने नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
सेवा संकल्प अभियान एवं महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की संयोजक डॉ. शाजिया सिद्दीकी ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों को विकसित भारत की परिकल्पना पर चिंतन करने और राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका समझने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने प्रतियोगिताओं का समन्वय भी किया। भाषण में मानवेंद्र और निबंध में काजोल प्रथम, भाषण प्रतियोगिता में एमए प्रथम सेमेस्टर के मानवेंद्र ने प्रथम, बीएससी तृतीय सेमेस्टर की निशा रावत ने द्वितीय तथा एमए प्रथम सेमेस्टर की अर्चना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं, निबंध प्रतियोगिता में बीए प्रथम सेमेस्टर की काजोल ने प्रथम, एमए तृतीय सेमेस्टर की रितिका नेगी ने द्वितीय तथा एमए तृतीय सेमेस्टर की ममता ने तृतीय स्थान हासिल किया।प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका डॉ. कंचन सहगल एवं डॉ. किरन चौहान ने निभाई। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. रामानंद उनियाल ने किया। इस दौरान डॉ. अनुपम रावत, डॉ. सोहनी, डॉ. केवला नन्द पाण्डे सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




