उत्तराखण्डराज्य

यूकॉस्ट ने  7 महिलाओं को विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान तथा 20 महिलाओं को हिमालयी नारी शक्ति सम्मान प्रदान किया

  • कार्यक्रम में एच एन बी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो डॉ भानु दुग्गल एवं उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अध्यक्षा न्यायाधीश कुमकुम रानी ने किया प्रतिभाग
  • महिला उद्यमियों ने लगाई अपने स्टार्टअप्स की प्रदर्शनी

देहरादून । यूकॉस्ट ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) सभागार में पांचवें विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान से 07 महिलाओं को एवं आठवें हिमालयी नारी शक्ति सम्मान से 20 महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर “स्टार्टअप्स, नवाचार एवं उद्यमिता में महिलाओं की भागीदारी” विषयक कॉनक्लेव भी आयोजित किया गया।
आज यूकॉस्ट द्वारा इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स, दिव्य हिमगिरि एवं सरादस्ता के संयुक्त तत्वावधान में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कॉनक्लेव, महिला उद्यमियों की प्रदर्शनी तथा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। महिला उद्यमी प्रदर्शनी का उद्घाटन एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो (डॉ) भानु दुग्गल द्वारा किया गया। इस अवसर पर आयोजित कॉनक्लेव को संबोधित करते हुए डॉ दुग्गल ने कहा कि भारत में महिलाओं की उद्यमिता में भागीदारी पुरातन काल से है। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर का ज़िक्र करते हुए कहा कि उन्होंने गुलामी के दिनों में 18वीं शताब्दी में माहेश्वरी साड़ियों के निर्माण और बिक्री का एक ब्रांड स्थापित कर उस समय कुछ सैकड़ो लेकिन आज देश की लाखों महिलाओं के लिए उद्यमिता का रास्ता खोला। उन्होंने नई पीढ़ी से कहा कि समानता का मतलब ये नहीं कि महिलाएं पुरूषों के मुकाबला करते हुए व्यसनों की तरफ डाइवर्ट हों। कॉनक्लेव की मुख्य पैनलिस्ट डॉ हरिका आर राजेश कुमार ने कहा कि महिलाओं से बेहतर उद्यमी कोई नहीं है, वह बाहर भी और घर में भी एक अच्छे प्रबंधक का रोल निभाती हैं। कॉनक्लेव को अनुराधा डोवल, ममता रावत, श्रद्धा नेगी, गीता चंदोला ने भी अपनी सफलता की कहानियों और अनुभवों को साझा किया। कॉनक्लेव को डॉ मंजू सुंदरियाल द्वारा मॉडरेट किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र की अध्यक्षता करते हुए यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो डॉ दुर्गेश पंत ने कहा कि यूकॉस्ट “शी फॉर स्टेम” कार्यक्रम के द्वारा उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में महिलाओं और छात्राओं को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से उद्यमिता की ओर ले जा रहा है। दूसरे सत्र की मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अध्यक्षा न्यायाधीश सुश्री कुमकुम रानी ने सभी पुरस्कृत महिलाओं को शुभकामनाएं प्रदान की और कहा कि महिलाओं का सुशिक्षित होना और उद्यमशील होना राष्ट्र और समाज के लिए बहुत जरूरी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुएउत्तराखंड स्टेट सेंटर, इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के चेयरमैन इंजी. सीपी शर्मा ने कहा कि भारत सहित दुनिया ने हर क्षेत्र में एक से बढ़कर एक महिला नेतृत्व प्रदान किए हैं, जिनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का परिचय एवं स्वागत संबोधन सरादस्ता के अध्यक्ष एवं दिव्य हिमगिरि के संपादक डॉ कुँवर राज अस्थाना ने किया। संचालन यूकॉस्ट की वैज्ञानिक अधिकारी डॉ मंजू सुंदरियाल ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन यूकॉस्ट के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ ओ.पी. नौटियाल ने किया। कार्यक्रम में पूर्व तकनीकी शिक्षा निदेशक आरपी गुप्ता, इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के सचिव हिमांशु अवस्थी, पूर्व चेयरमैन एनके यादव, आईईआई फैलो एसए अंसारी, हेमेश्वरी शर्मा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं छात्राएं उपस्थित थी।

इन्हें मिला “विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान-2026”

सुषमा बहुगुणा
रंजना कुकरेती शर्मा
डॉ. रीमा पंत, शिक्षाविद्
राजुली भट्ट
सोनिया देवी
डॉ. विजेता बिष्ट
मोनिका बोहरा

इन्हें मिला “हिमालयी नारी शक्ति सम्मान-2026”
अनुराधा डोवल
मधु गुप्ता
डॉ. रमा गोयल
डॉ. ममता कुंवर
डॉ. वीना अस्थाना
ममता रावत
श्रुति जोशी
श्वेता ध्यानी
वंदना श्रीवास्तव
श्रद्धा नेगी
गीता चंदोला
अर्चना थपलियाल
प्रीति मनराल
इंजी. बबीता कोहली
डॉ. मंजू ओ. पाई
डॉ. हरिका आर. राजेश कुमार
डॉ. शेफाली अग्रवाल
डॉ. बबीता बेहेरा
सुरभि माथुर
अमिता गर्ग

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