उत्तराखण्डव्यापार

रुद्रपुर इकाई ने 13,111 क्विंटल से अधिक गेहूं बीज का किया उत्पादन

देहरादून। रबी फसलों की बुवाई की तैयारी के बीच उत्तराखंड में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, संतुलित उर्वरक उपयोग और मिट्टी की सेहत के प्रति जागरूक करने की दिशा में भारतीय कृषक उर्वरक सहकारी लिमिटेड (कृभको) लगातार प्रयास कर रही है। कृभको की रुद्रपुर स्थित बीज प्रसंस्करण इकाई ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 13,111.20 क्विंटल गेहूं बीज का उत्पादन किया। इसके साथ ही सहकारी संस्था राज्य में किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, मृदा स्वास्थ्य और फसल पोषण के प्रति जागरूक बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रही है।
फोरम फॉर इंडियन जर्नलिस्ट्स ऑन एजुकेशन, एनवायरनमेंट, हेल्थ एंड एग्रीकल्चर द्वारा ग्रेमैटर्स कम्युनिकेशंस एंड कंसल्टिंग के सहयोग से आयोजित मीडिया कार्यशाला में कृभको के उत्तराखंड राज्य विपणन प्रबंधक जाबेर सिंह ने संस्था की बीज उत्पादन गतिविधियों, किसान जागरूकता कार्यक्रमों और कृषि विकास से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी।
कृभको की गतिविधियों में किसानों को वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक कृषि जानकारी उपलब्ध कराया जाता है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान संस्था ने 285 प्रतिभागियों की सहभागिता के साथ तीन फसल संगोष्ठियों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों में कृभको के उत्पादों और गेहूं की विभिन्न किस्मों से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई।
इसके अलावा, किसानों के बीच संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी की जांच और मिट्टी के नमूने एकत्र करने की सही विधि के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 14 किसान बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों के माध्यम से किसानों को फसल की जरूरत के अनुरूप उर्वरकों के इस्तेमाल और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के महत्व से अवगत कराया गया।
कृभको ने जिंक और तरल जैव उर्वरकों के उपयोग पर केंद्रित प्रदर्शनियों का भी आयोजन किया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को मिट्टी की सेहत, पोषक तत्वों की उपलब्धता और फसल उत्पादन में जैव उर्वरकों की भूमिका के बारे में व्यावहारिक जानकारी देना था।
मृदा परीक्षण अभियानों के माध्यम से किसानों को मिट्टी के नमूने लेने की सही प्रक्रिया, मृदा स्वास्थ्य के महत्व और मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीवों की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई।
कृभको ने किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण विकास में सहकारिता की भूमिका जैसे विषयों पर डीलर सम्मेलन और सहकारिता शिक्षा सम्मेलन भी आयोजित किए।

कृभको के उत्तराखंड राज्य विपणन प्रबंधक जाबेर सिंह ने कहा, “उत्तराखंड में हमारे कार्यक्रमों का उद्देश्य कृषि से जुड़ी उपयोगी जानकारी सीधे किसानों तक पहुंचाना है। किसान बैठकों और मृदा परीक्षण अभियानों में उनकी भागीदारी यह दर्शाती है कि संतुलित उर्वरक उपयोग और मिट्टी की सेहत को लेकर व्यावहारिक मार्गदर्शन कितना महत्वपूर्ण है। हम किसानों और सहकारी संस्थाओं के साथ मिलकर जागरूकता बढ़ाने तथा बेहतर कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।
फिजीहा के अध्यक्ष डॉ. नवनीत आनंद ने कहा, “उत्तराखंड का अनुभव बताता है कि कृषि विकास में किसान शिक्षा को केंद्र में रखना आवश्यक है। मृदा परीक्षण, खेत प्रदर्शन और किसानों के साथ सीधा संवाद तकनीकी जानकारी को व्यावहारिक ज्ञान में बदलने में मदद करते हैं। इन पहलों को आम लोगों तक पहुंचाने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा करने में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।”
वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच कृभको ने देशभर में 24,559 कार्यक्रमों के माध्यम से 17.71 लाख किसान लाभार्थियों तक अपनी पहुंच बनाई। उत्तराखंड में इन पांच वर्षों के दौरान संस्था ने वृहद पोषक तत्वों के लिए 14,826 मिट्टी के नमूनों और सूक्ष्म पोषक तत्वों के लिए 16,152 नमूनों की जांच कराई। इसके अलावा, 5,391 किसान बैठकें और 1,188 फसल प्रदर्शन आयोजित किए गए तथा 1,167 खेत दिवसों का आयोजन किया गया।
सहकारिता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कृभको ने राज्य में 951 सहकारी समितियों को अपनाया और 791 सहकारिता सम्मेलनों का आयोजन किया। किसानों और संबंधित हितधारकों तक कृषि संबंधी तकनीकी जानकारी पहुंचाने के लिए 44.76 लाख इकाइयों में तकनीकी साहित्य का वितरण भी किया गया।
इन गतिविधियों के साथ कृभको ने वृक्षारोपण, स्वास्थ्य सेवाओं, पशु चिकित्सा और आय सृजन से जुड़ी ग्रामीण विकास पहलों के माध्यम से भी समुदायों तक पहुंच बनाने का प्रयास किया।
मीडिया कार्यशाला में कृभको के प्रतिनिधियों और पत्रकारों ने उत्तराखंड में बीज उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य और किसान शिक्षा से संबंधित पहलों पर चर्चा की। कार्यशाला का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में हो रहे प्रयासों और किसानों के हित में संचालित कार्यक्रमों की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाना था।

Related Articles

Back to top button