इटावा के युवा विकास भदौरिया ने UGC-NET 2026 में हासिल की सफलता, शिक्षा और समाजसेवा के सपने को मिले नए पंख

यूपी। उत्तर प्रदेश के इटावा जनपद के एक छोटे से ग्रामीण परिवेश से निकलकर सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे युवा विकास भदौरिया ने UGC-NET 2026 (Mass Communication & Journalism) परीक्षा में सफलता प्राप्त कर Ph.D. प्रवेश के लिए योग्यता हासिल की है। यह उपलब्धि केवल एक परीक्षा में सफलता नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति उनकी वर्षों पुरानी निष्ठा, पारिवारिक संस्कारों और सतत परिश्रम का परिणाम है।
वर्तमान में विकास भदौरिया जनसेवा एवं सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। व्यस्ततम दिनचर्या, लगातार यात्राओं और सामाजिक दायित्वों के बीच अध्ययन के लिए समय निकालना आसान नहीं था, लेकिन शिक्षा के प्रति उनका समर्पण उन्हें इस मुकाम तक लेकर आया। विकास भदौरिया बताते हैं कि शिक्षा के प्रति उनकी रुचि और लगाव का सबसे बड़ा स्रोत उनके दादाजी रहे हैं। उनके दादाजी लंबे समय तक प्रधानाचार्य के रूप में शिक्षा जगत से जुड़े रहे और उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण को समर्पित किया। शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानने वाले उनके दादाजी का व्यक्तित्व और कार्यशैली बचपन से ही विकास के लिए प्रेरणास्रोत रही है। विकास भदौरिया का कहना है कि जब भी वे अपने दादाजी को विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाते देखते थे, तब से उनके मन में भी शिक्षा के क्षेत्र में कुछ सार्थक करने का भाव पैदा हुआ। आज उनकी यह सफलता उसी प्रेरणा का एक छोटा सा परिणाम है। उन्होंने कहा कि उनका सपना केवल व्यक्तिगत उपलब्धियाँ हासिल करना नहीं है, बल्कि भविष्य में अपने गृह जनपद इटावा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के क्षेत्र में ठोस एवं प्रभावी पहल करना है, ताकि आर्थिक या सामाजिक कारणों से कोई भी प्रतिभाशाली छात्र शिक्षा से वंचित न रहे। उनका मानना है कि यदि किसी समाज को स्थायी रूप से बदलना है तो उसकी शुरुआत शिक्षा से ही करनी होगी। विकास भदौरिया की यह उपलब्धि उन हजारों ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। यह सफलता साबित करती है कि यदि परिवार से मिले संस्कार, शिक्षा के प्रति सम्मान और निरंतर प्रयास साथ हों, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। इस उपलब्धि पर क्षेत्र के शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। “दादाजी ने शिक्षा का दीप जलाया था, अब उसी प्रकाश को आगे बढ़ाना मेरा संकल्प है। — विकास भदौरिया



