उत्तराखण्डराज्य
लश्कर भी तुम्हारा है…

लश्कर भी तुम्हारा है
लश्कर भी तुम्हारा है,
सरदार तुम्हारा है
तुम झूठ को सच लिख दो
अखबार तुम्हारा है..!
दरबार तुम्हारा है,
किरदार तुम्हारा है
तुम सच को झूठ कह दो
अदालत भी तुम्हारी है
खून भी तुम्हारा है,
तलवार भी तुम्हारी है
तुम जिसको गद्दार कहो
गद्दार वही है
खेत भी तुम्हारा है,
बाजार तुम्हारा है
तुम दाम जो तय कर दो
त्यौहार तुम्हारा है
हम तो बस इतना कहेंगे
ये वक्त तुम्हारा है
पर वक्त का क्या है जनाब
कभी हमारा भी था, कभी तुम्हारा है



