नारायणबगड़ पीएचसी को सीएचसी बनाने की मांग तेज, बाजार में रैली निकालकर किया प्रदर्शन; आंदोलन रहेगा जारी

चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
चमोली जिले के विकासखंड नारायणबगड़ में बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनाने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों का आंदोलन तेज हो गया है। मांग को लेकर आज 7 वें दिन जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने धरना स्थल से मुख्य बाजार तक रैली निकाली। इसके बाद मुख्य बाजार से परखाल पुल तक प्रदर्शन करते हुए शासन-प्रशासन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों के नेता, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नारायणबगड़ क्षेत्र की बड़ी आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को उपचार के लिए दूसरे स्थानों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकृत किया जाना क्षेत्र की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इस संबंध में आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उपजिलाधिकारी थराली के माध्यम से ज्ञापन भेजकर अस्पताल को उच्चीकृत करने की मांग की है। उन्होंने सरकार से क्षेत्र की स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
क्षेत्र पंचायत सदस्य नीरज नेगी और विपिन परिहार ने कहा कि नारायणबगड़ क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से क्षेत्रवासियों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार का कोई प्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान एसीएमओ ने भी आंदोलनकारियों से बातचीत की। हालांकि, एसीएमओ की ओर से दिए गए बयान और बातचीत के दौरान सामने आए आश्वासन का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं हो पाया है।
प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य प्रदीप बुटोला, जिला पंचायत सदस्य सुरी कनेरी, जिला पंचायत सदस्य साक्षी नेगी, ज्येष्ठ उप प्रमुख देवराज रावत, उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के नेता मोहन राम आर्या और प्रकाश राम तथा विक्रम राम महर सहित अन्य लोग मौजूद रहे। क्षेत्रवासियों ने सरकार से मांग की है कि नारायणबगड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सीएचसी के रूप में उच्चीकृत करने की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकें।



